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डैड बॉल का किस्सा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा- अचानक ही क्रिकेट की दुनिया में ये सबसे बड़ा विवाद बनता जा रहा है। इसकी पिछली चर्चा (पढ़ें : https://allaboutcric.com/news/hindi/the-dead-ball-controversy/) के बाद देखिए और क्या हुआ :

स्कॉटिश क्लब क्रिकेट में एक ऐसा विवादित रन-आउट सामने आया जिसने स्पिरिट ऑफ क्रिकेट का मसला उठा दिया। विवाद में है फ़ॉकलैंड क्रिकेट क्लब (स्थापना 1860 में और विश्व में सबसे पुराने क्रिकेट क्लब में से एक)- मैच था कार्लटन क्रिकेट क्लब के विरुद्ध और आउट हुए बल्लेबाज क्रिस मैकब्राइड। हुआ ये कि मैकब्राइड ने सीमर एथन फ़्रॉसलर की एक गेंद खेलने की कोशिश की, गेंद विकेटकीपर स्टीवन मेइकल के पास गई और उन्होंने इसे ग्लव्स में लेने के बाद, दूसरे स्लिप के फील्डर काइल जैकब्स को पास कर दिया। बल्लेबाज ने देख लिया था कि गेंद न सिर्फ विकेटकीपर ने ली बल्कि आगे पास कर दी- आम तौर पर ऐसी स्थिति का मतलब है गेंद डैड और यही मानकर बल्लेबाज क्रीज से आगे निकल गए लेकिन तभी जैकब्स ने गेंद स्ट्राइकर के स्टंप पर मार दी और अपील की जिसमें बाकी फील्डर ने उनका साथ दिया। जवाब में स्क्वायर-लेग अंपायर ने मैकब्राइड को आउट दे दिया।

बल्लेबाज को विश्वास ही नहीं हुआ कि उन्हें आउट कर दिया है पर धीरे से विरोध के बाद वे पवेलियन लौट गए। ये तो अच्छा हुआ कि आखिर में कार्लटन ने मैच 1 विकेट से जीत लिया। तब भी ये मुद्दा दबा नहीं और सोशल मीडिया में उस एक्शन की वीडियो खूब वायरल हुई। तब तो ये और भी उछल गया जब फ़ॉकलैंड क्लब ने अपनी टीम की इस स्पिरिट ऑफ क्रिकेट के उलट हरकत पर न सिर्फ स्टेटमेंट दी- माफी भी मांगी। 
ये किस्सा कुछ वैसा ही है जैसा पिछले साल, इंग्लिश समर में लॉर्ड्स में जॉनी बेयरस्टो के साथ हुआ था- उनकी नजर में गेंद डैड थी पर एलेक्स कैरी ने स्टंपिंग की कोशिश और अपील पर आउट कर दिया। दोनों में सबसे बड़ा फर्क ये कि क्लब मैच में जो हुआ उसमें तो स्पिरिट ऑफ क्रिकेट की क्या बात करें- क्रिकेट लॉ के हिसाब से भी बल्लेबाज आउट नहीं था।

लॉ 20.1 में साफ़ लिखा है कि गेंद विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथ में आ जाए तो डैड हो जाती है बशर्ते बल्लेबाज रन लेने की कोशिश न कर रहा हो। यहां तो गेंद न सिर्फ विकेटकीपर के हाथ में गई, स्लिप फील्डर को भी पास हो गई। इसके उलट बेयरस्टो को स्टंप करने की स्कीम बना चुके थे कैरी और इसीलिए जैसे ही उन्होंने गेंद को पकड़ा तो फौरन स्टंप पर मार दिया। फ़ॉकलैंड ने माफी की चिट्ठी सीधे कार्लटन क्लब को लिखी।

इसके बाद 9 जून का विटैलिटी टी20 ब्लास्ट मैच : लेस्टरशायर से 4 रन से हार मिली वूरस्टरशायर को पर इसमें गड़बड़ का किस्सा ये रहा कि ऑन-फील्ड अंपायरों की एक नो-शॉट डेड बॉल कॉल ने वूरस्टरशायर से एक बाउंड्री छीन ली थी और यही 4 रन दोनों टीम के स्कोर का अंतर रहे।

वूरस्टरशायर के लिए लक्ष्य 177 रन था। तीसरे ओवर की पहली गेंद : वियान मुल्डर की गेंद लेग-साइड पर थी जो स्ट्राइकर ब्रेट डी’ओलिवेरा के कूल्हों से टकराकर बाउंड्री पार कर गई। कमेंटेटर भी बोले कि ये बाउंड्री है लेकिन स्कोर बोर्ड हिला ही नहीं। अंपायर ने इसे डैड बॉल घोषित कर दिया। वजह- अंपायर का कहना था कि स्ट्राइकर ने शॉट खेलने की कोई कोशिश नहीं की जबकि साफ़ नजर आ रहा था कि शॉट खेलने की कोशिश हुई। बल्लेबाज ने कहा भी कि उसने शॉट खेला और 4 रन के लिए क्लिप करने की कोशिश की पर अंपायर नहीं माने।

लॉ में लिखा है कि अंपायर अगर यह देखें कि स्ट्राइकर डिलीवरी खेलने के लिए तैयार नहीं और यदि गेंद डिलीवर हो जाती और इसे खेलने की कोई कोशिश नहीं होती तो वे उसे डैड बॉल घोषित कर सकते हैं। तो यहां मुद्दा ये अटका कि क्या डी’ओलिवेरा ने गेंद खेलने की कोशिश की? जब इस डिलीवरी की वीडियो वायरल हुई तो ज्यादा वोट इसी बात के थे कि बल्लेबाज ने वास्तव में गेंद खेलने की कोशिश की थी। इस फैसले से वूरस्टरशायर को नुकसान हुआ और आखिर में वे 4 रन से पीछे रह गए- जीत उन्हें पॉइंट्स टेबल में नंबर 7 से 4 पर ले जाती।

टी20 वर्ल्ड कप के दौरान स्कॉटलैंड की बेहतरीन क्रिकेट की तारीफ हुई- भले ही वे सुपर 8 के लिए क्वालीफाई न कर पाए। इस टीम के मार्क वॉट ने कुछ ऐसा किया जिसे आम तौर पर नोट नहीं किया गया पर आगे इसका असर जरूर देखने को मिलेगा। मार्क ने अनूठी ‘लांग बॉल’ फेंकी। ये क्या है? 
खब्बू स्पिनर वॉट ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 24-यार्ड डिलीवरी को वह पहचान दी जो इन पिछले कुछ साल में किसी ने न दी थी। जी हां- मार्क ने पारंपरिक 22 यार्ड की दूरी से नहीं, 24 यार्ड की दूरी से गेंदबाजी की ग्रुप राउंड के मैचों में। जब भी ऐसी गेंद फेंकी, बल्लेबाज परेशानी में पड़ गया- ‘आउट ऑफ सिलेबस क्वेश्चन’ की तरह। अब आप समझ गए होंगे कि ये ‘लांग बॉल’ है क्या- वॉट ने, पॉपिंग क्रीज से गेंदबाजी (जो आम तौर पर किया जाता है) के बजाय, अंपायर की पोजीशन के साथ-साथ गेंद रिलीज की। ओमान पर स्कॉटलैंड की जीत वाले मैच में ऐसी ही एक गेंद पर तब ड्रामा हो गया जब वॉट ने बल्लेबाज खालिद कैल को बोल्ड किया। खालिद को जैसे ही यह लगा कि वॉट ने अपनी ट्रेडमार्क डिलीवरी में से एक फेंकी है- वे पीछे हो गए और गेंद सीधे स्टंप्स पर जा लगी।

अब पहला सवाल ये कि क्या क्रिकेट लॉ में ये डिलीवरी सही है- जवाब है हां। इस मामले में विवाद इस बात से हुआ कि खालिद ने डिलीवरी से कितनी देर बाद उसे न खेलने का फैसला किया? अंपायर ने इसे डैड बॉल माना क्योंकि खालिद ने कोई शॉट नहीं खेला जबकि स्कॉटलैंड टीम का दावा था कि जब खालिद को ये लगा कि गेंद उन्हें बीट करेगी तो वे उसकी लाइन से हट गए। इसी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के विरुद्ध जब मैथ्यू वेड ने आदिल रशीद की स्पिन पर एक गेंद को खेलने का इरादा न होने के बावजूद ब्लॉक किया तो उसे डैड बॉल नहीं, डॉट बॉल कहा गया। इस विवाद के बाद भी कप्तान माइकल लीस्क ने साफ़ कह दिया था कि ये लांग बॉल फिर से चर्चा में रहेगी और वॉट अपनी खास डिलीवरी करेंगे।

यहां ये चर्चा भी कर लेते हैं कि इस लांग बॉल के पीछे का सिद्धांत क्या है? पॉपिंग क्रीज पर या उसके ठीक पीछे फ्रंट फुट से बॉल डालने के बजाय, गेंदबाज़, अंपायर (या उसके आसपास) की लाइन से बॉल डालता है- इस से बॉल की फ्लाइट के रास्ते में दो गज की दूरी और जुड़ जाती है। बल्लेबाज की सारी ट्रेनिंग 22 गज से आने वाली गेंद पर टिकी है- इसलिए बल्लेबाज़ ऐसी गेंद को समझने में गलती कर सकता है।

क्रिकेट लॉ में ये डिलीवरी गलत नहीं। गेंद की डिलीवरी में रिलीज पॉइंट का एकमात्र पैरामीटर यह तय करना है कि फ्रंट फुट, पॉपिंग क्रीज के पीछे रहे (लॉ 21.5.2) और बैक फुट रिटर्न क्रीज के अंदर रहे (लॉ 21.5.1)। तो क्या जहां अंपायर खड़ा है- गेंदबाज उससे भी पीछे से गेंद फेंक सकता है? नहीं- तब ये नो-बॉल होगी क्योंकि अंपायर ये देख ही नहीं पाएंगे कि गेंदबाज के फ्रंट और बैक फुट गाइडलाइन के अंदर हैं या नहीं?

अगर बल्लेबाज ऐसी गेंद खेलने से इंकार कर दे तो- क्या ये डैड बॉल है? लॉ 20.4.2.6 में लिखा है- जब स्ट्राइकर किसी शोर या हरकत या किसी अन्य वजह से, डिलीवरी खेलने या खेलने की तैयारी में विचलित होता है, तो अंपायर को डैड बॉल कॉल और उसका इशारा देना चाहिए। इसमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि जिस वजह से ध्यान भटका वह मैच के अंदर की है या बाहर की? मैथ्यू वेड के उदाहरण और जो खालिद के मामले में हुआ उसमें फर्क है- खालिद ने गेंद को पूरी तरह से छोड़ दिया था। अगर अंपायर ये मानते हैं कि मार्क की ऐसी डिलीवरी ध्यान भटकाने की सही वजह है तो वे इसे डैड बॉल दे सकते हैं।

चरनपाल सिंह सोबती

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