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अगर इस टी20 वर्ल्ड कप को एक टाइटल देना हो तो शायद इसे ‘हैरान करने वाले नतीजों का वर्ल्ड कप’ कहना गलत नहीं होगा। बड़ी-बड़ी टीम का सपना टूटा और इसके उलट एक बार तो अफ़गानिस्तान की भी कप जीतने के दावेदार के तौर पर चर्चा हुई- ये आश्चर्य नहीं तो और क्या है? चौंका देने वाले नतीजों की लिस्ट में ये भी है कि रैंकिंग में नंबर 6,7 और 8 टीम नॉकआउट राउंड के लिए क्वालीफाई ही नहीं कर पाईं। इन में से न्यूजीलैंड ने कम से कम पापुआ न्यू गिनी को 7 विकेट से हराया- नोट कीजिए ख़ास तौर पर लॉकी फर्ग्यूसन के धमाकेदार स्पेल की बदौलत (3 विकेट और 4 ओवर में एक भी रन नहीं दिया) लेकिन ये बहुत कम और बहुत देर से हुआ।

ठीक है न्यूजीलैंड मुश्किल ग्रुप सी में था पर वे उन टीम में से हैं जो बदलाव के लिए इस वर्ल्ड कप का ही इंतज़ार कर रहे थे- उनके बड़ी उम्र के खिलाड़ी टूर्नामेंट में फिट नहीं बैठे पर असली तमाशा तो उन के वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद हो रहा है। टूर्नामेंट के बाद केन विलियमसन ने व्हाइट-बॉल कप्तान की पोस्ट को छोड़ा, 2024-25 के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी इंकार कर दिया। 33 साल के हैं विलियमसन- लोकप्रिय खिलाड़ी, अच्छी स्ट्रेटजी बनाते हैं और सबसे ख़ास ये कि टीम को बांधे रखा पर टी20 में उन के स्ट्राइक रेट (123.08) को इस हिटिंग के आधुनिक युग में कैसे सही कह दें? इस टूर्नामेंट में- 32 गेंदों पर सिर्फ 28 रन।

इसलिए, इससे पहले कि सेलेक्टर कोई फैसला लेते- विलियमसन ने खुद ही फैसला ले लिया और वाइट बॉल टीम की कप्तानी छोड़ दी। टेस्ट कप्तानी वे पहले ही छोड़ चुके थे। इन के साथ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी नहीं ले रहे। तो ऐसे में न्यूजीलैंड क्रिकेट में उनके लिए क्या रोल बचा है? अब पता चला है कि ये सवाल नए नहीं- वे तो वर्ल्ड कप के लिए अमेरिका आने से भी पहले से न्यूजीलैंड क्रिकेट के साथ इस मुद्दे पर बात कर रहे थे। इसलिए अब न्यूजीलैंड के लिए पहला लक्ष्य- 2026 में अगले टी20 वर्ल्ड कप के लिए ब्लैक कैप्स टीम तैयार करना।

ये करना ही होगा क्योंकि 33 साल के फर्ग्यूसन भी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं ले रहे जबकि 34 साल के ट्रेंट बोल्ट ने तो पहले ही कह दिया था कि अपना आखिरी टी20 वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। चीफ कोच गैरी स्टीड पर भी दबाव बन रहा है- क्या गलत हुआ, क्या तैयारी में कोई कमी थी जैसे सवाल जवाब मांग रहे हैं। एक और अजीब बात- टीम ने कोई ऑफिशियल प्रैक्टिस मैच नहीं खेला तथा उनके बल्लेबाजी में टॉप 3 एक तरह से बिना मैच प्रैक्टिस टूर्नामेंट में खेले। इसके अतिरिक्त अपनी बेस्ट प्लेइंग इलेवन चुनने के लिए जूझते रहे।

ये सब फैक्टर और साथ में विलियमसन का 2024-25 के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से इंकार तथा वनडे और टी20 टीम के कप्तान भी नहीं यानि कि टीम में बदलाव होने ही हैं। इन सवाल के जवाब में न्यूजीलैंड क्रिकेट में जो होने के संकेत हैं वह और भी अजीब है और अगर ऐसा हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब और भी कुछ टीम में यही दिखाई दे- क्रिकेट में एक नई शुरुआत।

केन विलियमसन, इस सब के बावजूद ये मानते हैं कि वे आगे भी ब्लैक कैप्स के लिए खेलना चाहते हैं। न्यूजीलैंड के लिए खेलें और जनवरी में दक्षिण अफ्रीका में SA20 में भी खेलें यानि कि अपनी मर्जी से तय करेंगे कि कब और क्या खेलना है? ये कोई नई बात नहीं पर नई बात ये है कि न्यूजीलैंड क्रिकेट उनके लिए एक ‘स्पेशल कॉन्ट्रैक्ट’ बना रहे है जिसमें इस आजादी का लुत्फ उठाने के साथ-साथ विलियमसन को कुछ रिटेनरशिप फीस भी मिल जाएगी।

बोल्ट भी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के बिना खेल रहे हैं पर उन्हें सिर्फ मैच फीस मिलती है। विलियमसन शायद अपने बोर्ड का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट ठुकराने वाले पहले बड़े कप्तान हैं पर इस तरह का नया कॉन्ट्रैक्ट ग्लोबल क्रिकेट में एक नई शुरुआत करेगा। केन विलियमसन के लिए ये ख़ास ‘रियायत’ क्यों- इस सवाल के जवाब का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि न्यूज़ीलैंड इस समय इस के सही होने/न होने के मुद्दे में ही उलझा हुआ है।

न्यूजीलैंड सीजन में 18 दिसंबर इंग्लैंड के विरुद्ध तीसरे टेस्ट का आख़िरी दिन होगा और फरवरी में टीम पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी से पहले दक्षिण अफ्रीका के साथ वनडे ट्रायंगुलर खेलेगी। बीच के दिनों में वे SA20 में खेलेंगे। उन्हीं दिनों में न्यूजीलैंड में घरेलू टी20 सुपर स्मैश है पर विलियमसन रिटेनरशिप फीस लेने के बावजूद आजाद। वे इस कॉन्ट्रैक्ट में ब्लैक कैप्स के 8 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप टेस्ट खेलेंगे (श्रीलंका में 2, अक्टूबर और नवंबर में भारत में 3 और इंग्लैंड के विरुद्ध न्यूजीलैंड में) और साथ ही चैंपियंस ट्रॉफी पर अफगानिस्तान के विरुद्ध टेस्ट नहीं खेलेंगे- ये डब्ल्यूटीसी में नहीं है।

न्यूजीलैंड क्रिकेट को उम्मीद है कि ये सिस्टम विलियमसन को 2028 तक टीम के लिए उपलब्ध रखेगा और न सिर्फ जुलाई में लॉस एंजिल्स में ओलंपिक में, अक्टूबर- नवंबर में ऑस्ट्रेलिया के साथ न्यूजीलैंड में टी20 वर्ल्ड कप तक उपलब्ध रहेंगे। और कोई बोर्ड अपने किसी भी क्रिकेटर के साथ ऐसी ‘लांग टर्म’ स्कीम नहीं बनाता- वह चाहे रोहित शर्मा और विराट कोहली ही क्यों न हों? केन विलियमसन के कप्तान रहते हुए ब्लैक कैप्स का रिकॉर्ड 

  • टेस्ट
    40 मैच: 22 जीत, 10 हार, 8 ड्रॉ
    सबसे बेहतर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फिनिश: 2021 में भारत के विरुद्ध फाइनल में जीत
  • वनडे
    91 मैच: 46 जीत, 40 हार, 1 टाई, 4 कोई नतीजा नहीं
    सबसे बेहतर वर्ल्ड कप फिनिश: 2019 में टाई के बाद सुपर ओवर में इंग्लैंड से फाइनल में हार
  • टी20 इंटरनेशनल 
    75 मैच: 39 जीत, 34 हार, 1 टाई, 1 कोई नतीजा नहीं
    सबसे बेहतर वर्ल्ड कप फिनिश: 2021 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध फाइनल में हार

– चरनपाल सिंह सोबती

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