fbpx

किसी भी खिलाड़ी को जल्दबाजी में, उसकी फिटनेस की सही जांच के बिना, इंटरनेशनल क्रिकेट में वापस लाने का एक और किस्सा ! अभी जसप्रीत बुमराह का मामला संभल नहीं रहा था कि लिस्ट में श्रेयस अय्यर का नाम भी जुड़ गया? बुमराह सर्जन की टेबल तक पहुंच गए और कई महीने नहीं खेलेंगे, पंत एक्सीडेंट की वजह से चोटिल और अब जो ख़बरें श्रेयस के बारे में आ रही है- वे कोई अच्छी नहीं। वे भी सर्जन की टेबल तक जा सकते हैं और कई महीने निकल जाएंगे। जो हो रहा है- क्या इसे रोक सकते थे?

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अहमदाबाद टेस्ट के तीसरे दिन, पीठ दर्द की शिकायत पर श्रेयस अय्यर को स्कैन के लिए ले गए- चोट तो किसी भी खिलाड़ी को लग सकती है। यहां गड़बड़ ये थी कि वे इसी तकलीफ के लिए, नेशनल क्रिकेट एकेडमी में रिहेबिलिटेशन के बाद अभी हाल ही में तो टेस्ट टीम में वापस लौते थे और फिर से चोटिल- दो महीने में दूसरी बार पीठ की तकलीफ।

न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के दौरान तकलीफ और अब, इस टेस्ट सीरीज में। तो टीम में लौटने की जल्दी क्या थी? हुआ ये कि वे तो रिहेबिलिटेशन में ही थे तो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले 2 टेस्ट की टीम में ले लिया था। फिटनेस पर क्लीन चिट नहीं मिली इसलिए नागपुर में नहीं खेले पर इस बीच श्रेयस खुद स्टेटमेंट देते रहे कि फिट हैं, जिम से वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड की। तब दिल्ली टेस्ट के लिए फिट घोषित किए गए बिलकुल आख़िरी मुकाम पर और नतीजा- सीधे टेस्ट टीम में और दिल्ली में 4 और 12 तथा इंदौर में 0 और 26 रन।

ये जानते हुए भी कि श्रेयस को पीठ की तकलीफ है, चीफ कोच राहुल द्रविड़ ने भी कहा था कि फिट होते ही श्रेयस आखिरी इलेवन में खेलने के हकदार हैं। कोच का, किसी खिलाड़ी की टेलेंट पर भरोसा गलत नहीं पर यहां तो मामला चोट से टीम में लौटने का था। द्रविड़ की कोशिश थी उन्हें स्पिन के सामने भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक गिनकर ये बताना कि उनकी वजह से ही, 2022 में बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में हार से बचे थे। इस जल्दबाजी का नतीजा सामने है:

  • चौथे टेस्ट में भारत की 571 रन की पारी में बल्लेबाजी नहीं की।
  • ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध वनडे सीरीज से बाहर।
  • कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी छोड़ दी और आईपीएल में खेलने का कोई भरोसा नहीं।
  • बीसीसीआई बड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले रहा है- तभी तय होगा कि क्या सर्जरी की जरूरत है? सर्जरी हुई तो तीन महीने तक तो क्रिकेट गई जिसमें पूरा आईपीएल सीजन आ जाएगा।
  • केकेआर की सीजन में बेहतर खेलने की स्कीम को और टीम इंडिया के बैलेंस को झटका।

क्या है ये सब? सस्ती कर दी टेस्ट टीम में जगह- चोट से लौटो और सीधे टेस्ट टीम में। खुद द्रविड़ जब खेलते थे, वे ऐसा करते? रोजर बिन्नी ने बोर्ड चीफ बनने के बाद कहा था- रिहेबिलिटेशन से लौट रहे खिलाड़ी को पहले घरेलू क्रिकेट मैच खेलना होगा ताकि फिटनेस का संकेत मिल सके। ये पॉलिसी रवींद्र जडेजा पर तो लागू कर दी- श्रेयस पर नहीं। जल्दबाजी में टीम में लौटने पर खिलाड़ी अपना नुकसान करता है- टीम का भी। अपना योगदान 0 और दूसरी तरफ, टीम में खेलने का हकदार कोई और खिलाड़ी बैंच पर बैठा रह जाता है। टीम का खेल बिगड़ता है- वह अलग। श्रेयस अय्यर को सीधे टेस्ट खिलाया, उनकी फिटनेस का जायजा लिए बिना और सरफराज को मौका नहीं दिया तो नुकसान किसका हुआ- टीम का, भारतीय क्रिकेट का। खिलाड़ी खुद भी, फिटनेस की सही जानकारी छिपाता है तो- शार्ट टर्म फायदा, लांग टर्म नुकसान।

श्रेयस अय्यर के साथ हमदर्दी तो है पर अब ऐसे किस्से बढ़ रहे हैं। बीसीसीआई की तरफ से एक्शन की जरूरत है- जो इंटरनेशनल क्रिकेट में लौटने की जल्दबाजी में फिटनेस की गलत खबर दें, टीम का नुकसान करे- उसे टीम इंडिया से ‘ब्लॉक’ कर दो। घरेलू क्रिकेट में पसीना बहाओ और तब टीम इंडिया में खेलने के हकदार बनो।

  • चरनपाल सिंह सोबती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *