fbpx

रिपोर्ट ये है कि आईसीसी ने बीसीसीआई को साफ तौर पर बता दिया है कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पाकिस्तान में ही खेलेंगे और हाइब्रिड मॉडल का सवाल ही नहीं उठता। अगर टीम इंडिया- पाकिस्तान नहीं आती है तो श्रीलंका क्वालीफाई कर लेगा। आईसीसी का ऐसी स्टेटमेंट रिलीज करना गलत नहीं- पाकिस्तान को टूर्नामेंट का आयोजन दिया, पिछले साल दिसंबर में होस्ट एग्रीमेंट पर भी साइन हो गए (इस से ये अटकल खत्म हो गई कि टूर्नामेंट को पाकिस्तान से हटा सकते हैं), यहां तक कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने जो प्रोग्राम बनाया उस मंजूर भी कर लिया- तो ऐसा कहना बनता ही है। असल मुद्दा ये है कि क्या वास्तव में आईसीसी और पीसीबी ऐसा चाहते हैं- नहीं। कुछ दिन पहले के टी20 वर्ल्ड कप में सभी ने देख लिया कि टूर्नामेंट की कमर्शियल कामयाबी की गारंटी के लिए कैसे आईसीसी ने वर्ल्ड कप को ‘इंडिया के कलर्स’ में रंग दिया था। तो क्या चैंपियंस ट्रॉफी की कमर्शियल कामयाबी नहीं चाहते?

पाकिस्तान की तरफ से चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और उनकी नजर भी हाई-स्टेक मैच पर है- 1 मार्च 2025 को लाहौर में पाकिस्तान-भारत मैच है प्रोग्राम में। ये मैच तभी होगा जब बीसीसीआई मंजूरी देगा 19 फरवरी से 9 मार्च (10 मार्च रिजर्व डे) तक के इस 19 दिन के टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की। सुरक्षा और लॉजिस्टिक मुद्दों के चलते, प्रोग्राम में भारत के सभी मैच लाहौर में हैं। पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी, बारबाडोस में टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में आईसीसी मेहमान के तौर पर मौजूद थे और वहीं पहली बार 15 मैच का प्रोग्राम बताया था- लाहौर में 7, कराची में 3 और रावलपिंडी में 5 मैच हैं। पहला मैच कराची में, सेमीफाइनल कराची और रावलपिंडी में और फाइनल लाहौर में लेकिन अगर भारत सेमीफाइनल खेला तो वह भी लाहौर ट्रांसफर हो जाएगा। 
आईसीसी के इवेंट हेड क्रिस टेटली पाकिस्तान हो आए हैं- वेन्यू और सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने के लिए। उसके बाद इस्लामाबाद में मोहसिन नकवी के साथ मीटिंग भी की पर इस सवाल का अभी किसी के पास कोई जवाब नहीं है कि बीसीसीआई की तरफ से, सरकार से मंजूरी न मिलने वाला कार्ड फिर से चला गया तो इस टूर्नामेंट का क्या होगा?पाकिस्तान ने जब 2023 में एशिया कप की मेजबानी की तब भी हालात और नजरिया यही थे। तब अनोखे ‘हाइब्रिड मॉडल’ ने टूर्नामेंट को संकट से निकाला- भारत के मैच श्रीलंका ट्रांसफर कर दिए जबकि बाकी टूर्नामेंट पाकिस्तान में खेले।

मौजूदा स्थिति ये है कि बीसीसीआई के अतिरिक्त अन्य सभी बोर्ड की टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की मंजूरी आ चुकी है। बीसीसीआई का सरकार से मंजूरी का कार्ड आईसीसी की गाइडलाइन में ही है- इसके मुताबिक़ वे किसी भी बोर्ड को, सरकार की पॉलिसी के उलट फैसला लेने के लिए मंजूर नहीं कर सकते। अफगानिस्तान में अगर सरकार के नजरिए में महिला क्रिकेट टीम फिट नहीं तो आईसीसी ने अफगानिस्तान बोर्ड पर इस पॉलिसी के उलट टीम बनाने का कोई दबाव नहीं डाला। अब न सिर्फ आईसीसी और पाकिस्तान- इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली बाकी टीम भी बीसीसीआई के फैसले का इंतजार कर रही हैं। बीसीसीआई सेक्रेटरी जय शाह यह तो कह चुके हैं कि भारत चैंपियंस ट्रॉफी में खेलेगा पर ये डिप्लोमेटिक स्टेटमेंट थी क्योंकि ये नहीं कहा कि टीम पाकिस्तान में मैच खेलेगी। पाकिस्तान सरकार ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए आने वाली सभी टीम को पूरी और बेहतर सिक्योरिटी का वादा किया है।

टूर्नामेंट की तारीखों का इंटरनेशनल क्रिकेट कैलेंडर पर असर साफ़ नजर आ रहा है- सबसे ज्यादा टी20 लीग प्रभावित होंगी। आईएलटी20 शुरू है 19 जनवरी से और 17 फरवरी तक है, दक्षिण अफ्रीका के एसए20 और बांग्लादेश प्रीमियर लीग से भी टकराव है- वे भी साल के पहले दो महीने में खेलते हैं। इस साल, एसए20 10 जनवरी से तक  10 फरवरी तक था। यहां तक कि पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पर भी असर आएगा और ये सीधे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से टकराने पर ले जाएगा।

2025 चैंपियंस ट्रॉफी का जो प्रोग्राम सामने है उसके अनुसार इंग्लैंड अपने मैच लाहौर में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध शुरू करेगा- लगातार 7वां मौका जब किसी ग्लोबल टूर्नामेंट में ये दो एशेज खेलने वाले देश, ग्रुप राउंड में एक-दूसरे के विरुद्ध खेलेंगे।चैंपियंस ट्रॉफी आखिरी बार 2017 में खेले थे- तब पाकिस्तान ने ओवल में फाइनल में भारत को हराया था। एक बार को तो ये तय हो गया था कि इसे अब नहीं खेलेंगे पर फिर से शुरू कर रहे हैं। 1996 के बाद से- ये ऐसा पहला ग्लोबल टूर्नामेंट है  जिसकी मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है। तब वे वनडे वर्ल्ड कप के को-होस्ट थे।

पिछले साल के वनडे वर्ल्ड कप की टॉप 8 टीम ने सीधे इसमें खेलने के लिए क्वालीफाई किया। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड ग्रुप ए में हैं जबकि ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और अफगानिस्तान। संयोग से इंग्लैंड ग्रुप में उन तीन टीम के साथ है जिनसे उस वर्ल्ड कप में हारे थे। इंग्लैंड को वहां अपने आख़िरी दो मैच जीतने तक, चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होने का खतरा था। मेजबान टीम 19 फरवरी को कराची में उद्घाटन मैच में न्यूजीलैंड से खेलेगी और  टूर्नामेंट का सबसे हाई-प्रोफाइल मैच 1 मार्च को लाहौर में पाकिस्तान-भारत होगा। अगर ये मैच हुआ तो 2008 के बाद से पहली बार भारत खेलेगा- पाकिस्तान में।

औपचारिकता के लिए चाहे जो कहते रहें- अगर भारत राजी न हुआ पाकिस्तान में खेलने पर तो टूर्नामेंट आयोजक मजबूर हो जाएंगे विकल्प सोचने पर और तब यूएई जैसे किसी न्यूट्रल वेन्यू में मैच खेल सकते हैं। भारत के तीन ग्रुप मैच लाहौर में है और लाहौर भारत की बाउंड्री से सिर्फ कुछ घंटे दूर है। सड़क से भी आसानी से पहुंच सकते हैं- ड्राफ्ट शेड्यूल में भारत अकेला ऐसा देश है जिसे अपने ग्रुप फिक्स्चर के लिए वेन्यू बदलने की ज़रूरत नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सोच तो ये भी है कि संभव है शेड्यूल भारत के क्रिकेट प्रेमियों के लिए, अपनी टीम के सपोर्ट में पाकिस्तान आने का रास्ता बना दे।

भारत 2012-13 के बाद से पाकिस्तान से दो टीम वाली सीरीज नहीं खेला है। दूसरी ओर चैंपियंस ट्रॉफी में, लगातार 11वीं बार ये दोनों टीम किसी आईसीसी ग्लोबल टूर्नामेंट के ग्रुप राउंड में एक-दूसरे से खेलेंगी। अब ये तय हो चुका है कि इस तरह का प्रोग्राम किसी संयोग से नहीं बनता। कम से कम एक भारत-पाकिस्तान मैच तो जरूर हो जाए- ये तय करने के लिए प्रोग्राम बनता है। ब्रॉडकास्टर भी यही चाहते हैं। भारत के अलावा, बाकी सभी टीम 2021 से पाकिस्तान में खेल रही हैं। इंग्लैंड ने 2022 में 7 मैच की टी20 सीरीज़ और फिर 3 टेस्ट की सीरीज़ खेली, और इस साल अक्टूबर में एक और 3 टेस्ट की सीरीज़ खेलने पाकिस्तान लौट रहे हैं। 

  • चरनपाल सिंह सोबती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *