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भले ही चेन्नई सुपर किंग्स एक्सप्रेस की समर्थक येलो आर्मी अभी भी इस टीम को प्ले ऑफ की रेस से बाहर न माने- सच ये है कि वे आईपीएल 2022 सीजन को कतई याद नहीं रखना चाहेंगे। मौजूदा रिकॉर्ड : पहले 10 मैच में 3 जीत और पॉइंट्स तालिका में सिर्फ मुंबई इंडियंस से ऊपर।  
इस टीम की. इस सीजन की दूसरी सच्चाई ये कि चेन्नई सुपर किंग्स एक्सप्रेस सीजन शुरू होने से पहले ही पटरी से उतर गई थी। ये वो टीम है जो कभी किसी आईपीएल नीलामी से पहले बड़ी स्कीम नहीं बनाती- चेन्नई सुपर किंग्स का बैनर ही खिलाड़ी को टॉप रेटेड बना देता है। इसीलिए हाल के सालों में उन्हें किसी बड़े टी 20  खिलाड़ी का पीछा नहीं देखा गया और न ही वे सुर्खियां बटोरने के लिए नीलामी में मोटी रकम खर्च करते हैं। इस बार भी इसी पालिसी पर चले और अगर तय कर लिया कि सुरेश रैना को नहीं खरीदना तो एक बार भी अपने फैसले को गलत नहीं माना। 2022 मेगा नीलामी में जबकि अधिकांश फ्रेंचाइजी ने टीम को बदला- चेन्नई लगभग उन्हीं खिलाड़ियों को वापस खरीदने पर लगा रहा जिनके साथ 2021 में ट्रॉफी जीती थी। क्यों कोई ऐसे फॉर्मूले को क्यों बदलेगा जिससे उन्हें इतनी सनसनीखेज वापसी करने में मदद मिले? तब भी देख लीजिए, वे कहां हैं। 
असल में ,सीजन की शुरुआत से तीन हफ्ते पहले सीएसके को एक बड़ा झटका लगा- स्टार गेंदबाज दीपक चाहर टूर्नामेंट के एक बड़े हिस्से के लिए खराब फिटनेस के कारण बाहर। पहली रिपोर्ट थी कि वे अप्रैल के बीच तक नहीं खेलेंगे और उसके बाद पूरे सीजन के लिए बाहर हो गए। ऐसा क्या असर डाला दीपक चाहर की गैर -मौजूदगी ने? इसके लिए उनकी भूमिका को देखना होगा। 2019 के बाद से, चाहर ने पावरप्ले में 32 विकेट लिए हैं- 2022 सीजन शुरू होने से पहले के रिकॉर्ड के अनुसार, इस संदर्भ में अगला सबसे कामयाब नाम ट्रेंट बोल्ट (21) का था । 46 मैचों में, एमएस धोनी ने पावरप्ले में तीन ओवर फेंकने के लिए 35 बार दीपक चाहर का इस्तेमाल किया- एक गेंदबाज के लिए सबसे ज्यादा। इससे भी सीएसके लाइन-अप में चाहर की भूमिका का अंदाजा हो जाता है।  
टीम ने युवा हंगरगेकर पर भरोसा नहीं किया और मुकेश चौधरी एवं सिमरजीत सिंह विकल्प बने पर बहुत बड़ा फर्क रह गया। रिपोर्ट ये है कि दीपक चाहर लगभग 4 महीने के लिए एक्शन से बाहर। आईपीएल 2022 नीलामी में जिस पर टीम ने 14 करोड़ रुपये खर्चे वह ग्राउंड में नहीं- बेंगलुरु में नेशनल क्रिकेट एकेडमी में दाएं क्वाड्रिसेप्स की चोट से जूझ रहा है। सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स ही नहीं, टीम इंडिया को भी झटका लग सकता है- संभावना है वे टी 20 विश्व कप 2022 के लिए भी उपलब्ध न हों। इस मार्की टूर्नामेंट के लिए, जो पूरी तरह फिट न हो उसे चुनने की गलती इस बार सेलेक्टर्स नहीं करना चाहेंगे- टी 20 विश्व कप 2021 के लिए अनफिट हार्दिक पांड्या को चुनने से उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। उनकी चोट सीएसके और भारतीय टीम दोनों को महंगी पड़ेगी।
अब एक और बड़ा ख़ास सवाल। दीपक चाहर को चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने फरवरी में आईपीएल 2022 मेगा नीलामी में 14 करोड़ रुपये में वापस खरीदा था। उसी महीने वेस्टइंडीज के विरुद्ध घरेलू टी 20 इंटरनेशनल सीरीज के दौरान उन्हें क्वाड्रिसेप्स में चोट लगी। नतीजा- दीपक चाहर आईपीएल 2022 से बाहर। अब सवाल ये है कि इन हालात में क्या उन्हें आईपीएल सीजन 15 से पूरी 14 करोड़ रुपये की कॉन्ट्रैक्ट फीस मिलेगी? इस सवाल का जवाब ये है कि चूंकि सीजन शुरू होने से पहले ही वे अनफिट हो गए और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक भी मैच नहीं खेला- इसलिए चेन्नई सुपर किंग्स को पैसे के मामले में नुक्सान नहीं हो रहा और वे दीपक चाहर को उनकी कॉन्ट्रैक्ट फीस का कोई पैसा नहीं देंगे।  
फिर भी, आईपीएल न खेल पाने से दीपक चाहर को कोई नुक्सान नहीं होगा- उन्हें पूरी कॉन्ट्रैक्ट फीस मिलेगी, भले ही कोई और दे। यहां भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की, ऐसी इमरजेंसी के लिए ली गई इंश्योरेंस पॉलिसी काम आएगी। दीपक चाहर, बीसीसीआई के साथ किए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ी हैं (बोर्ड की 2022 कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में ग्रेड सी में) और बोर्ड की इन खिलाड़ियों के लिए ली गई पॉलिसी में एक क्लॉज है, जिसमें लिखा है कि चोट के कारण, जब खिलाड़ी, सीजन में एक भी मैच नहीं खेल पाता तो उसे उसे सीजन के आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट की पूरी फीस का भुगतान किया जाएगा। इस तरह राहुल चाहर को उनकी कॉन्ट्रैक्ट फीस का पैसा- इस पॉलिसी से मिलेगा। ये नियम आईपीएल 2011 सीजन से चला आ रहा है।  
इस संदर्भ में आपके रिकॉर्ड के लिए :
*   यही, अगर दीपक चाहर का नाम सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में न होता और घायल होने के कारण वे सीजन का एक भी मैच नहीं खेलते तो सीजन की पूरी कॉन्ट्रैक्ट फीस गंवा देते।   *   यदि कोई खिलाड़ी, जिसके पास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट है, आईपीएल के दौरान चोटिल हो जाता है और टूर्नामेंट से बाहर हो जाता है, तो कॉन्ट्रैक्ट फीस का आधा भुगतान बीसीसीआई और आधा फ्रेंचाइजी द्वारा किया जाता है। अगर दीपक चाहर एक भी मैच खेल लेते तो ये शर्त लागू होती। *  यदि कोई विदेशी या ऐसा भारतीय भारतीय खिलाड़ी जिसके पास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं,सीज़न के दौरान चोटिल हो जाता है, तो उसे, उस सीज़न के दौरान टीम के लिए खेले गए मैचों की गिनती के आधार पर कॉन्ट्रैक्ट फीस का भुगतान किया जाएगा।

– चरनपाल सिंह सोबती 

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