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डब्ल्यूपीएल हो गई और आरसीबी नए चैंपियन हैं। बहरहाल टूर्नामेंट उनके लिए याद रहेगा तो मुंबई इंडियंस के लिए भी और कितनी हैरानी की बात है कि एक विकेट, इस टूर्नामेंट का टर्निंग पॉइंट बन गया- एलिमिनेटर में हरमनप्रीत कौर का विकेट। लगभग जीते मैच को 5 रन से हार में बदल दिया, डब्ल्यूपीएल 2024 से बाहर कर दिया। हरमनप्रीत और अमेलिया केर क्रीज पर और 13 गेंद पर 16 रन चाहिए थे तथा 7 विकेट हाथ में। इसीलिए कहते हैं- क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है। हरमनप्रीत के आउट होते ही मुंबई की बाकी लाइन-अप एकदम फेल हो गई।

जब बीसीसीआई की तरफ से महिला टी20 लीग शुरू करने में देरी हो रही थी तो उसके पीछे सबसे बड़ी सोच यही थी कि क्या भारत में, अपनी ऐसी क्रिकेटर हैं जो ऐसा खेलें कि रोल मॉडल साबित हों और उन्हें खेलते देखने स्टेडियम भरें। डब्ल्यूपीएल का सिर्फ दूसरा सीजन और भारत की क्रिकेटर ने साबित कर दिया है कि डब्ल्यूपीएल सिर्फ विदेशी क्रिकेटरों के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं और दर्शक हरमनप्रीत, स्मृति, शेफाली और जेमिमा की बैटिंग देखने भी स्टेडियम आए। 

टूर्नामेंट की सबसे धाकड़ इनिंग किसने खेली? विदेशी मीडिया ने आम तौर पर डब्ल्यूपीएल को नजरअंदाज किया पर हरमन के सिर्फ 48 गेंद पर शानदार 95* को नहीं- न सिर्फ टीम को रोमांचक जीत दिलाई, ये चर्चा भी शुरू कर दी कि क्या ये डब्ल्यूपीएल में ऐसी सबसे धाकड़ इनिंग है जिसने मैच का नजारा ही बदल दिया हो?

गुजरात के विरुद्ध इस मैच में मुंबई इंडियंस 191 रन के लक्ष्य के सामने 16वें ओवर में 121-4 पर थे। हरमनप्रीत- पहली 21 गेंद में 20 रन। अगले 20 मिनट तक, मुंबई के डग आउट में ही नहीं, जो भी, जहां भी मैच देख रहा था, हैरान रह गया और बल्लेबाजी एकदम टॉप गियर में आ गई। एक ओवर 4, 0, 6, 4, 4, 6 के शॉट और समीकरण 18 गेंद में 47 से, 12 गेंद में 23 पर आ गया। कुल 48 गेंद पर 95*- डब्ल्यूपीएल 2024 में उनका दूसरा 50 और ये वही हरमन है जिसने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दिसंबर-जनवरी के लगातार टूर में 7 पारियों में 6 स्कोर एक गिनती वाले बनाए थे। वहां से ऐसी बैटिंग जिसने 2017 में डर्बी के उस दिन को याद करा दिया जब एक पारी ने पूरे देश की लड़कियों को क्रिकेट खेलने और इसे बड़े पैमाने पर लाने पर मजबूर कर दिया था।

हरमन के 95* ने दिखाया कि धाकड़ बल्लेबाजी कहते किसे हैं- 48 गेंद में, 10 चौके और 5 बड़े छक्के और ऐसा नजारा कि यास्तिका भाटिया के 36 गेंद पर 49 तो नजरअंदाज ही हो गए। 36 गेंद में 91 रन की जरूरत थी और तब ऐसी पावर-हिटिंग की कि मैच रेफरी को उनके बैट का इंस्पेक्शन करना पड़ा।6,2,4,4,2,1,1,0,4,1,4,1,1,4,0,6,4,4,6,6,1,0,1,6,4, 1,1 के स्ट्रोक और आखिरी 27 गेंदों में 75 रन बनाए।

डब्ल्यूपीएल में और भी कुछ धाकड़ इनिंग खेली गई हैं। सोफी डिवाइन के 36 गेंद में  99 कौन भूल सकता है- ब्रेबॉर्न स्टेडियम में डब्ल्यूपीएल 2023 में गुजरात जायंट्स के विरुद्ध रॉयल चैलेंजर्स के लिए इस इनिंग में 8 छक्के और 9 चौके लगाए और जीत के लिए 189 रन का पीछा करते हुए स्मृति के साथ 57 गेंद पर 125 रन की रिकॉर्ड पार्टनरशिप भी की थी। इसी तरह, उसी सीजन में, शैफाली वर्मा के विस्फोटक 50 ने नवी मुंबई में गुजरात जायंट्स के विरुद्ध दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से जीत दिलाई- 10 चौके और 5 छक्के लगाते हुए सभी सिलेंडर पर फायरिंग की। 28 गेंद पर 76* ने मैच एक तरफा ही कर दिया और डीसी ने सिर्फ 7.1 ओवर में टारगेट पूरा कर लिया। एशले गार्डनर के एक ओवर में 4 चौके और 1 छक्का लगाकर 23 रन बटोरे थे।

एलिसा हीली को डब्ल्यूपीएल  का पहला 100 बनाने के लिए 6 रन की जरूरत थी और जीत के लिए सिर्फ 1 रन की- 100 तो नहीं लगा लेकिन इस तेज तर्रार ओपनर ने 47 गेंद पर 96 रन बनाए- जो तब 2023 की लीग में सबसे बड़ा स्कोर था। इसी से यूपी को रॉयल चैलेंजर्स के विरुद्ध 10 विकेट से जीत मिली। 139 रन का पीछा करते हुए- हीली ने 18 चौकों और 1 छक्के के साथ ब्रेबॉर्न की छोटी बाउंड्री का पूरा फायदा उठाया और 29 गेंद पर अपने 50 को पूरा किया था।

जेमिमा रोड्रिग्स ने दिल्ली में 2024 डब्ल्यूपीएल में मुंबई इंडियंस के विरुद्ध दिल्ली कैपिटल्स के लिए, न सिर्फ डांस से मनोरंजन किया- धाकड़ पारी खेली। लीग में अपना पहला 50, 33 गेंद में 69* तूफानी रन और इसी से कैपिटल्स ने 20 ओवर में 192/4 का विशाल स्कोर बनाया। अरुण जेटली स्टेडियम में सुनने वाला शोर था और जेमिमा के दमदार क्रिकेट शॉट्स देखने वाले थे। दर्शकों का शोर और जवाब में जेमिमा के बैट से एक और बाउंड्री- ये था अंदाज। हरमनप्रीत के 95* का अगर डीएनए करें तो देखिए क्या मिलता है-

  • इनिंग को 3 हिस्सों में बांटते हैं : पहली 21 गेंदे, अगली 13 गेंद यानि कुल 34 गेंद और आखिरी 14 गेंद।
  • पहली 21 गेंद में सिर्फ 20 रन। 
  • पहली 34 गेंद में 51 रन। जब मुंबई को 36 गेंद में 91 रन की जरूरत थी तो 13 गेंद में 31 रन बनाए।
  • कुल 47 गेंद में 95 रन- इसमें तेज गेंदबाज के सामने 32(18), स्पिन पर 63(29), लेग साइड पर 43(23), ऑफ साइड पर 47(21), स्ट्रेट 5(3) रन बनाए और एक गेंद चूक गई।
  • जब मुंबई को 18 गेंद में 47 रन की जरूरत थी तो उस दौर में 13 गेंद में 44 रन बनाए- आखिरी 13 गेंद खेलीं वे सभी स्पिनर की थीं और 44 रन बने।

चरनपाल सिंह सोबती

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