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इस साल मई के महीने में विराट कोहली और उनकी पत्नी, अनुष्का शर्मा के नोमैड मैनेजमेंट एलएलपी नाम की एक कंपनी बनाने की खबर आई थी। सब जानते हैं बिजनेस में विराट कोहली की रूचि के बारे में- इसलिए इस तरफ कोई ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया पर अब समझ में आ रहा है कि ये कंपनी क्यों बनाई? ऐसे पूरे आसार हैं कि वे अपनी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी शुरू कर रहे हैं। ये पढ़कर फ़ौरन सवाल उठेगा कि सब जानते हैं कि उनका अकाउंट तो स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग फर्म कॉर्नरस्टोन स्पोर्ट एंड एंटरटेनमेंट के पास है और आज का नहीं कोहली के इंटरनेशनल क्रिकेट में आने से भी पहले का- तो अब उनसे क्यों अलग हो रहे हैं?

इस फर्म और विराट कोहली के लंबे कमर्शियल संबंध की तो क्रिकेट बाजार में मिसाल दी जाती थी तो अब क्या हुआ? इस फर्म के मुख्य पार्टनर बंटी सजदेह को विराट कोहली के सबसे अच्छे दोस्त में से एक गिनते थे- और इसी बदौलत वे क्रिकेट पार्टियों में खूब नजर आते थे। जवाब ये है कि ‘दोस्त..दोस्त न रहा’ और विराट कोहली ने कॉर्नरस्टोन से सभी संबंध तोड़ लिए हैं।

भारतीय क्रिकेट की सबसे पुरानी कमर्शियल पार्टनरशिप अब टूट गई है- दोनों तरफ से अलग होने की कोई वजह नहीं बताई गई पर ये अंदाजा लगाना कोई मुश्किल नहीं कि कुछ ख़ास ही हुआ है तभी तो अपने करियर के इस मुकाम पर, बड़ी कमर्शियल कामयाबी के बाद विराट कोहली ने अब ऐसा फैसला लिया। पिछले कुछ सालों में कॉर्नरस्टोन से रोहित शर्मा, केएल राहुल, अजिंक्य रहाणे, शुभमन गिल जैसों ने भी नाता तोड़ा लेकिन विराट और कॉर्नरस्टोन के अलग होने के बारे में तो सोचते भी नहीं थे। शायद हर रिश्ते की भी एक एक्सपायरी डेट होती है।

विराट कोहली इस कंपनी के साथ अंडर 19 क्रिकेटर से आज के सुपरस्टार बने और ये कंपनी भी इस दौरान बहुत बड़ी हुई- यहां तक कि 2020 में, करन जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस के साथ धर्मा कॉर्नरस्टोन एजेंसी (डीसीए) भी बनाई और फ़िल्मी दुनिया में भी एंट्री हो गई। तब भी कॉर्नरस्टोन के साथ कोहली का कमर्शियल अकाउंट चलता रहा। यहां तक कहते थे कि कॉर्नरस्टोन को बंटी ने नहीं, कोहली ने कामयाब बनाया। जिसके पास विराट कोहली का कमर्शियल अकाउंट हो उसने कामयाब होना ही था। टॉप कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट जिसमें प्यूमा के साथ 100 करोड़ रुपये का साइनअप भी शामिल था। और जिन एथलीट के कॉर्नरस्टोन के पास अकाउंट थे वे कहते भी थे कि ये कंपनी सिर्फ कोहली के बेनिफिट के लिए काम करती है- और किसी के लिए इनके पास फुर्सत ही नहीं। रोहित शर्मा, केएल राहुल, अजिंक्य रहाणे, मुरली विजय, शुभमन गिल जैसे गए पर अभी भी पीवी सिंधु, सानिया मिर्ज़ा, उमेश यादव, कुलदीप यादव और यश ढुल जैसे कई स्टार एथलीट उनके पास हैं। सारा अली खान, जान्हवी कपूर, टाइगर श्रॉफ सहित और कई बॉलीवुड से उनके पास हैं।

कुछ फैक्ट नोट कीजिए :

  • बंटी सजदेह ने 2008 में युवा और उभरते क्रिकेटरों को साइन करते हुए कॉर्नरस्टोन बनाई।
  • भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप टाइटल दिलाने वाले विराट कोहली उनके सबसे पहले अकाउंट में से एक थे। 
  • बंटी, को अक्सर ‘सुपर एजेंट’ कहते हैं और उनकी इस बात के लिए तारीफ़ करनी होगी कि अंडर-19 के दौर में कोहली की टेलेंट को पहचान लिया था और कॉन्ट्रैक्ट कर लिया।
  • बंटी के दो परिचय और हैं जिनकी आम तौर पर चर्चा नहीं होती-
    • 1. रोहित शर्मा की शादी उनकी चचेरी बहन रितिका सजदेह से हुई। शादी से पहले रितिका इसी कॉर्नरस्टोन में स्पोर्ट्स मैनेजर के तौर पर काम करती थीं और ख़ास तौर पर कोहली का अकॉउंट वही देखती थीं।
    • 2. फिल्म स्टार सलमान खान के भाई सोहेल खान की शादी उनकी बहन सीमा से हुई- 2022 में उनका सीमा खान के तौर पर तलाक हुआ। इस परिवार से नाते ने बंटी को बॉलीवुड में बड़ी अच्छी पहचान दिलाई।
  • 2020 में, बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई ने बंटी सजदेह से भी पूछताछ की थी- सुशांत की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी और दिशा सालियान उनकी कॉर्नरस्टोन में ही काम करती थीं। सुशांत की मौत से ठीक पांच दिन पहले 9 जून को सालियान की मौत हो गई थी।
  • विराट कोहली अपनी गिरती ब्रांड वैल्यू से परेशान हैं-  2020 में 237.7 मिलियन डॉलर, 2021 में 21% की भारी गिरावट के साथ 185.7 मिलियन डॉलर हालांकि, वह अभी भी सबसे कीमती सेलिब्रिटी हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल- कोहली उनसे अलग क्यों हुए? कॉर्नरस्टोन के साथ उनका संबंध टूटना- इस फर्म के लिए नई चुनौती और एंटी पब्लिसिटी लाएगा। कहा तो यह जा रहा है कि संबंध वर्ल्ड कप से पहले ही टूट गए थे पर खबर वर्ल्ड कप के बाद लीक हुई। कोई ऑफिशियल वजह नहीं मालूम पर बाजार में कई तरह की बातें चर्चा में हैं (कोई पता नहीं कि उनमें कितनी सच्चाई है) जैसे कि न सिर्फ कोहली, कुछ और क्रिकेटरों के आईपी अधिकार हासिल कर लिए उनकी जानकारी के बिना और इससे उनके आईपी ब्रांड पर कंट्रोल मिल गया, कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों में बिना सहमति खुद फायदा उठाकर रियायत दे दी। हालत ये है कि और दूसरों को इस तरह के खतरे से सावधान रहने/जांच करने की सलाह के फोन किए जा रहे हैं।अगर किसी बड़े नाम के साथ ऐसा हो सकता है तो युवा खिलाड़ी तो खैर मनाएं। इसीलिए एक बार फिर इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि बीसीसीआई को इस दिशा में मदद के लिए खुद पहल करनी होगी।

  • चरनपाल सिंह सोबती

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