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आईसीसी ने 2023-27 के सालों का एफटीपी (फ्यूचर टूर प्रोग्राम) बना लिया। नए एफटीपी का सबसे बड़ा संदेश है टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया सबसे बड़ी टीम, पेशेवर टी 20 लीग के बढ़ते महत्व में तीन लीग के लिए विंडो मंजूर- कोई बड़ी टीम उनके दिनों में इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेलेगी और वन डे क्रिकेट के अंत की शुरुआत। 
लीग की बात करें तो आईपीएल विंडो लगभग ढाई/तीन महीने की है यानि कि हर साल अप्रैल, मई और जून के शुरू के दिनों में कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं। इस तरह साल का लगभग एक चौथाई हिस्सा तो आईपीएल के नाम हो गया। 2014 और 2021 के बीच आईपीएल में 8 टीम के 60 मैच थे। 2022 में, 10 टीम ने 74 मैच खेले। आगे के लिए- 2023 में 74; 2024, ’25 और ’26 में 84 तथा 2027 में 94 मैचों की गिनती तय की है। ऐसी ही विंडो अब ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग और इंग्लैंड के द हंड्रेड टूर्नामेंट के लिए होंगी और इसीलिए अगले साल इंग्लैंड में एशेज, जुलाई तक खत्म हो जाएगी ताकि द हंड्रेड में खेलने में कोई दिक्कत न हो। 
ग्लोबल टूर्नामेंट का बोलबाला रहेगा- कभी चैंपियंस ट्रॉफी, 50 ओवर का विश्व कप या हर साल एक टी 20 विश्व कप जबकि हर दूसरे साल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल। 

टेस्ट क्रिकेट में हर चर्चा बिग 3 पर आ सिमटती है- सिर्फ भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ही आपसी सीरीज में तीन से ज्यादा टेस्ट खेलेंगे। एफ़टीपी के मुताबिक़ भारत को 38 टेस्ट खेलने हैं- इंग्लैंड (42) से 4 और ऑस्ट्रेलिया (41) से 3 कम। सिर्फ दो अन्य देशों के कैलेंडर में 30 से ज्यादा टेस्ट हैं: बांग्लादेश (34) और न्यूजीलैंड (32)।
इंग्लैंड के चार साल में 42 टेस्ट के साथ 44 वन डे और 52 टी 20 इंटरनेशनल मैच भी हैं। इसमें कैरिबियन में एक भी टेस्ट सीरीज नहीं है हालांकि वहां लिमिटेड ओवर क्रिकेट की दो छोटी सीरीज खेलेंगे। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को अगले चार सालों में कई तीन टेस्ट मैचों वाली सीरीज खेलनी हैं- अपनी पिचों पर ऑस्ट्रेलिया, दिसंबर 2023 में पाकिस्तान और 2026 में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध खेलेगा और उसके बाद 2027 में न्यूजीलैंड तथा 2025 में वेस्टइंडीज में।
इंग्लैंड की 6 सीरीज हैं तीन टेस्ट की- तीन अपनी पिचों पर और तीन बाहर। घरेलू सीरीज वेस्टइंडीज (2024), न्यूजीलैंड (2026) और पाकिस्तान (2026) के विरुद्ध जबकि बाहर की सीरीज में पाकिस्तान (2024), न्यूजीलैंड ( 2024) और दक्षिण अफ्रीका (2027) टूर हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया, बॉर्डर/गावस्कर ट्रॉफी की अब हर सीरीज 5 टेस्ट की होंगी। ये सबसे हाई-प्रोफाइल प्रोग्राम में से एक होंगी और 1992 के बाद पहली बार भारत और ऑस्ट्रेलिया 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। अगले चार सालों में ऐसी दो सीरीज खेलेंगे- 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया में और 2027 में भारत में। 
इंग्लैंड के विरुद्ध भी दो 5 टेस्ट मैचों की सीरीज हैं – 2024 में अपनी पिचों पर और 2025 में इंग्लैंड में। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के विरुद्ध सीरीज के अलावा, भारत सिर्फ एक बार दो टीम वाली सीरीज में, दो से ज्यादा टेस्ट खेलेगा : अक्टूबर-नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध तीन टेस्ट। भारत की बाकी सभी डब्ल्यूटीसी सीरीज दो टेस्ट की ही होंगी।
वन डे ट्रायंगुलर फिर से शुरू हो रहे हैं पर विश्व कप के लिए क्वालीफाइंग का पैमाना वाली ओडीआई सुपर लीग रोक दी है। मई 2023 से सुपर लीग का आयोजन नहीं होगा। इससे दो टीम वाली और त्रिकोणीय सीरीज खेलने का ज्यादा मौका मिलेगा। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले, इसका मेजबान पाकिस्तान, फरवरी 2025 में एक त्रिकोणीय सीरीज का प्रोग्राम बना रहा है और इसी से इनका सिलसिला फिर से शुरू हो जाएगा। इसके उलट 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय की सीरीज ज्यादा खेलेंगे। ऐसी 15 सीरीज तो तय भी हो चुकी हैं और इनमें से 9 में भारत शामिल है। 
मैचों की भीड़ सबके सामने है और सबसे ख़ास सवाल तो वहीं है- खिलाड़ी कितना खेलेंगे?

  • चरनपाल  सिंह सोबती

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